रविवार, 13 जनवरी 2008

2706 छात्र छात्राओं ने कमाए १ करोड़ से भी ज्यादा रूपया

टैली कि प्रगति योजना ख़त्म हो गयी । पहली बार भारत के इतिहास मे शायद ऐसा हो रह होगा कि किसी कंपनी ने सिफत छात्रों को १ करोड़ से भी ज्यादा (10,480,950)रुपया कमाई कमाई मे दे दिया हो। अगर कंपनी कि वेबसाइट पर प्रगति योजना के कमाई के आंकडे देखे तो पता चलता है कि कुल २७०६ विद्यार्थी यह कारनामा कर गए। सबसे अधिक कमाई करने वाला चेंनेई के सचिन गोयल रहे।
हालांकि अधिकतर विद्यार्थी महानगरों से ही थे पेर कुछ छोटे छोटे शहरों के भी थे। पढाई मे छोटे शहर के लोग ज्यादा अच्छी सफलता अर्जित कर पाए। जो लोग ३१ दिसबर कि तारीख चूक गए हो उनके लिए ५०,००० रुपए जितने का अवसर अभी भी है। बस आपको ३१ मार्च से पहले TCP का टेस्ट ज़ोन मे पहले स्थान पे आ कर पास करना है ।
५०,००० तुम्हारे

गुरुवार, 8 नवंबर 2007

दीपावली की हार्दिक शुभ कामनाऐ.

टैली के सभी यूज़रस को
दीपावली
की
हार्दिक शुभ कामनाऐ

Diwali greetings

मंगलवार, 9 अक्टूबर 2007

क्या ८१५ बेटों ने दिया अपने पापा को चेक ?

Tally कि प्रगति अभी अपने पूरे शबाब पर है । शायद आप लागों ने टैली के इस संदेश को FM रेडियो पर भी सुना होगा। इस संदेश में बेटा अपने पापा को टैली से कमा कर चैक भेज रह है । अपनी इस अनूठी योजना के तहत टैली अपने अकादेमी में सीखने वाले सभी छात्रों को कमाने का मौका तो दे ही रही है साथ ही मेधावी छात्रों को नकद ईनाम भी दे रही है। टैली की वेबसाइट के अनुसार अभी तक ८१५ विद्यार्थी लगभग २१ लाख कमा चुके है और यह सिलसिला अभी चल ही रह है । १८ ओक्टूबर से पहले जो भी विद्यार्थी टैली सीखेंगे उन्हे इस योजना मे शामिल किया जाएगा।
अगर कमाई कि बात करे तो लड़कियाँ पहले स्थान पर है। सोचने वाली बात यह है कि क्या पूरा का पूरा पापा को मिला या कुछ बीच मे ही गोल हो गया होगा। ताजा जानकारी के लिए टैली प्रगति कि वेबसाइट भी देख सकते है।
है ना कमाल कि कमाई ।

गुरुवार, 8 मार्च 2007

मेरा पैसा गया कहा ? जरा ढूढिये तो सही!

हम अपने रोजमर्रा के कामो मे छोटी छोटी चीजो पर थोड़ा थोड़ा परन्तु नियमित रुप से खर्चा करते रहते है। इन खर्चो का हमारे व्यवसाय पर या हमारी निजी जिन्दगी पर क्या असर पड़ता है यह शायद इन खर्चो को करते समय हमे आभास कभी नही होता, परन्तु ये हमारी जेब मे कितना चोड़ा छेद करते है शायद इस बात का पता हमे महीने के अंत मे पता चल जाए।
अपने व्यवसाय मे हम 'डे बुक' तो रखते ही है, जरा इस मे पिछले महीने की खर्च कलमो के हिसाब पर नजर डाले तो रिसाव कहा से हो रहा है हमे पता चल जाएगा।
अपने निजी जीवन मे यदि हम एक छोटी सी 'पाकेट डायरी' अपनी जेब मे रख कर चले ओर हर छोटे से छोटे व बड़े से बड़े खर्च को को इस मे लिखते चले जाए तो हमे छेद के साइज का पता चल सकता है।
अब आया असली खेल। एक महीने तक इस 'पाकेट डायरी' के खेल को खेले। आप चाहे तो रोज शाम को अपनी Excel Sheet मे इस हिसाब किताब को डाले या Tally मे भी डाल सकते है। महीने के 30वे दिन इन खर्चो के आगे जरुरी या गैर जरुरी की निशानदेही करे। आप को जान कर हैरानी होगी की छेद की चौड़ाई आपकी उम्मीद से ज्यादा है।
अब चुनौती यह है की इसे कम या बिलकुल बंद कैसे किया जाए। तरीका बिलकुल आसान है अपने गैर जरुरी खर्चो को एक नजर फिर से देखो ओर अगले महीने जैसे ही वह खर्चा आए तो एक पल विचार करो की करे या नही। अगले महीने की चुनौती यही है कि आप छेद का 'साईज' कितना छोटा कर पाए।

मंगलवार, 6 मार्च 2007

अब हिन्दी मे वेबसाइट बनाना ओर भी आसान !!

मुझे कुछ दिनो से हिन्दी मे लिखने का शोक चर्राया है, सो हिन्दी मे लिखने की शुरुआत कर दी। मेरे एक दोस्त ओर TallyAcademy के संचालक नरेश का शौंक मुझसे भी आगे निकल गया ओर उन्होने Tally की पूरी की पूरी किताबे जो हम पढाते है हिन्दी मे लिख डाली।
हिन्दी मे इन्टरनेट पर कुछ भी लिखने का गुर मैने रवि जी से सीखा। उनके बताए तरीके के अनुसार पहले आप को हिन्दी के किसी font मे जैसे कि शुषा आदि मे MS Word मे टाईप कर ले व उसे htm या html मे सहेज (save) ले। उसके बाद उसे Firefox मे खोल ले। Firefox मे पदमा नाम की एक्सटेनशन लगा कर उस को युनीकोड मे परीवर्तित कर ले। अब इस text को 'कापी' कर के अपने 'ब्लाग' मे डाल ले व सहेज ले। हो गई आप की चिठ्ठी तैयार।
शुरुआत की कुछ कड़िया मैने एसे ही लिखी। पर इस मे एक दिक्कत है, आप को हिन्दी मे शुषा मे लिखना आना चहिए। दूसरी मुसिबत ये कि पूरा प्रकरण कफी लम्बा है।
इस का एक हल मैने अभी निकाला है, या यू कहिए की खोजा है कि बस आप www.hindikalam.com पर जाओ सामने देखते हुए हिन्दी मे टाईप करते चले जाओ।
मुझे यह तरीका बहुत ही सरल लगा बस टाईप किया ओर चल मेरे भाई।

हिन्दी लेखन से समबंधित कुछ ओर ज्ञानवर्धक व उपयोगी चीजे रविजी ने जुटाई है जो आप के काम आ सकती है।